Do You Want To Learn SEO in Hindi?- Then Read SEO Kya Hai In 2020

नमस्कार दोस्तों,

आज मैं आपको बताऊंगा की SEO Kya Hai, अगर आप ब्लॉग्गिंग कर रहे है तो आपको SEO जरुर सीखना चाहिए।

यह SEO के लिए एक कम्पलीट गाइड है, इस लेख को पढ़ने के बाद आपको अन्य Blog पढने की कोई आवश्यकता नही है।

इस लेख में, मैं एसईओ के बारे में हर महत्वपूर्ण जानकारी दूंगा।

इसलिए आपको इस लेख को ध्यान से पढ़ना चाहिए।

आइये जानते है SEO Kya Hai,

यह लेख Search Engine Optimization (SEO) का एक इंट्रोडक्शन होगा, एक अच्छी मार्केटिंग रणनीति यदि आप चाहते हैं, कि आपकी वेबसाइट Google जैसे सर्च इंजन के माध्यम से मिल जाए तो आपको इस लेख को ध्यान से पढ़ना होगा।

यदि आप SEO को विस्तार से जानना चाहते हैं, तो आप सही जगह पर हैं।

SEO (Search Engine Optimization) सर्च इंजन के आर्गेनिक रिजल्ट्स के माध्यम से सर्च कीया जाने वाला Content Optimization का अभ्यास है।

जब तक आप इस SEO बेसिक्स गाइड के अंत तक पहुँचते हैं, तब तक आपको इस बात की अच्छी समझ होगी कि SEO Kya Hai, यह जरुरी और महत्वपूर्ण क्यों है, और कभी बदलते हुए SEO वातावरण में शानदार परिणाम कैसे प्राप्त करें।

SEO kya hai in hindi 2020

दोस्तों एक बात जो हम सभी जानते है वो ये है कि कोई भी वेबसाइट या ब्लॉग तभी सफल हो सकता है जब उस पर बहुत ज्यादा ट्रैफिक हो।

अब Blog पर ट्रैफ़िक लाने के कई तरीके हैं, लेकिन अगर हम फ्री ऑर्गेनिक तरीके से ट्रैफ़िक लाने की बात करें तो इसके लिए Google SEO से बेहतर कुछ नहीं है।

क्योंकि Google दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन है।

आप सभी जानते हैं कि लाखों लोग Google पर अपने प्रश्नों के उत्तर खोजते हैं, फिर उन्हें पहले Top 10 Google Results में उत्तर मिलता है।

अब बात आती हैं, आप अपना ब्लॉग टॉप 10 में कैसे ला सकते हैं। अब सवाल यह है कि लोग आपके ब्लॉग पर कैसे आएंगे?

वे तब आएंगे जब आपके ब्लॉग पोस्ट Google के टॉप 10 रिजल्ट्स पर rank होंगे क्योंकि जब भी कोई यूजर Google पर कोई क्वेरी सर्च करता है, तो वे टॉप 10 रिजल्ट्स को सबसे अधिक देखते हैं और उनमें से किसी एक पर क्लिक करते हैं। 

अब सवाल यह है कि अपने ब्लॉग को Google Top 10 रिजल्ट्स में कैसे Rank किया जाए, इसीलिए आपको जानना होगा कि SEO Kya Hai।

1. SEO Kya Hai 

सर्च इंजन एक प्रकार की डायरेक्टरी है जहाँ लाखों वेबसाइटों का डेटा कलेक्ट किया जाता हैं।

मतलब कि जो लोग वेबसाइट बनाते हैं उन्हें अपनी वेबसाइट Google को सबमिट करनी होती है, जिसके लिए Google ने Google Search Console बनाया है।

Search Engine Optimization (एसईओ) यकीनन सबसे अधिक लागत प्रभावी डिजिटल मार्केटिंग तकनीक है, लेकिन यह भी सबसे चुनौतीपूर्ण है।

SEO डायरेक्ट ट्रैफिक या paid traffic के बजाय 'अनपेड ट्रैफ़िक ("organic" रिजल्ट्स के रूप में जाना जाता है) को लक्षित करता है''।

SEO में सफलता सबसे महत्वपूर्ण SEO Ranking फैक्टर्स को समझने पर निर्भर करती है जो आपको सबसे अच्छा स्थान देते हैं और फिर प्रतियोगियों से बेहतर प्रदर्शन करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पढती हैं।

Google द्वारा किए गए अपडेट पर अपडेटेड रहना भी महत्वपूर्ण है - हम अपने साप्ताहिक न्यूज़-लेटर में प्रमुख अपडेट कवर करते हैं।

2. क्यों ब्लॉगिंग के लिए SEO महत्वपूर्ण है?

क्योंकि SEO आपको अत्यधिक टार्गेटेड ट्रैफिक देता है। जब आपके पास targeted traffic होता तब आप पैसा भी बहुत अच्छा कमा लेते हो। 

जब आपके ब्लॉग और ब्लॉग पोस्ट का SEO अच्छे से किया जाता हैं, तब आपका आर्टिकल Google Result Page पर rank होता हैं। इससे आपकी वेबसाइट पर हमेशा ट्रैफिक या दर्शक आते रहते हैं।

यही बात हैं की आपको SEO के उपर ध्यान देना चाहिए। 

अगर आप SEO के बारे में और अधिक जानना चाहते हैं तो, यहाँ क्लिक करें

SEO Kya Hai

SEO इसलिए किया जाता है क्योंकि जब कोई वेबसाइट सर्च इंजन रिजल्ट पेज (SERP) में ज्यादा रैंक लाती है तो वेबसाइट को सर्च इंजन से ज्यादा विजिटर मिलते हैं।

फिर ये विज़िटर संभावित रूप से कस्टमर में कन्वर्ट किए जा सकते हैं।

अनपेड ट्रैफ़िक विभिन्न प्रकार की सर्च से उत्पन्न हो सकता है, जिसमें इमेज सर्च, वीडियो सर्च, एजुकेशनल सर्च, न्यूज़ सर्च और इंडस्ट्री-स्पेसिफिक सर्च शामिल हैं।

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3. सर्च इंजन कैसे काम करता है?

सर्च इंजन डिजिटल युग के लिए लाइब्रेरी की तरह हैं, पुस्तकों की प्रतियां संग्रहीत करने के बजाय, वे Web Pages की प्रतियां संग्रहीत करते हैं।

जब आप एक सर्च इंजन में एक क्वेरी टाइप करते हैं, तो यह उसके Index के सभी Web Pages को देखता है और आपको सबसे अधिक प्रासंगिक रिजल्ट्स को दिखाने की कोशिश करता है।

ऐसा करने के लिए, Google एक एल्गोरिदम नामक कंप्यूटर प्रोग्राम का उपयोग करता है।

कोई भी ठीक से नहीं जानता कि ये एल्गोरिदम कैसे काम करते हैं, लेकिन हमारे पास सुराग हैं, कम से कम Google से।

आपको सबसे उपयोगी जानकारी देने के लिए,  सर्च एल्गोरिदम कई फैक्टर्स को देखते हैं, जिसमें आपकी क्वेरी के शब्द, प्रासंगिकता और Web Pages की उपयोगिता, Sources की विशेषज्ञता और आपकी लोकेशन और सेटिंग्स शामिल हैं।

Google की बात करें, तो यह सर्च इंजन है जिसका हम सबसे अधिक उपयोग करते हैं - कम से कम जानकारी सर्च करने के लिए। क्योंकि यह अब तक का सबसे विश्वसनीय एल्गोरिदम है।

आप जानते हैं कि सभी Search Engine का एक ही लक्ष्य होता है: अपने उपयोगकर्ताओं को सर्वोत्तम, सबसे अधिक प्रासंगिक रिजल्ट्स दिखाना।

इस लेख में हम Google के बारे में बात कर रहे हैं क्योंकि Google दुनिया का सबसे बड़ा Search Engine है।

यदि आप अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर अधिक Organic traffic चाहते हैं, तो आपको Google के एल्गोरिदम को समझने और उसे पूरा करने की आवश्यकता है।

यदि आप अधिक video views चाहते हैं, तो आपको YouTube एल्गोरिदम को समझने की आवश्यकता है।

प्रत्येक Search Engine में एक अलग ranking Algorithm होता है, इस गाइड में उन सभी को कवर करना असंभव होगा।

इसलिए हम Google के बारे में बात कर रहे हैं।

मजेदार तथ्य-

Google का बाजार में 92% हिस्सा है। इसीलिए यह आपकी वेबसाइट को Bing, DuckDuckGo, या किसी अन्य वेब सर्च इंजन के बजाय Google के लिए optimize करने का भुगतान करता है।

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✔ आपकी Search Engine Ranking निचे दिए गए 7 फैक्टर्स पर निर्भर करती है-

  1. Crawlability
  2. Mobile-Friendliness
  3. Pagespeed
  4. Search Intent
  5. Backlinks
  6. Authority
  7. Content Quality

दुनिया का कोई भी सर्च इंजन 3 स्टेप्स में काम करता है, वह है crawling, Indexing और Ranking।

➡ 1. Crawling

अब Google का सर्च इंजन क्या करता है कि सबमिट की गई सभी वेबसाइट का रिव्यु करता और Crawl करना शुरू कर देता हैं। जिसके लिए उनके पास आर्टिफीसियल रोबोट होते हैं।

➡ 2. Indexing

अब ये आर्टिफीसियल रोबोट क्या करते हैं, उन सभी वेबसाइटों को index करते हैं जो Crawl हो चुके हैं और उन्हें अपने सर्वर में सबमिट कर देते हैं।

➡ 3. Ranking

इसके बाद, उन आर्टिफीसियल रोबोट के लिए अगली बात यह है कि यदि कोई यूजर Google के सर्च बॉक्स में कोई क्वेरी सर्च करता है, तो वे उन क्वेरी से संबंधित वेब पेज को उन Indexed वेबसाइटों में खोजते हैं।

फिर वे उन्हें वेबसाइट की गुणवत्ता और ऑथोरिटी के आधार पर Search Engine Result Page (SERP) में दिखाते हैं। इसे रैंकिंग कहा जाता है।

हालाँकि Google ने वेबसाइट रैंकिंग के लिए 200 फैक्टर्स निर्धारित किए हैं, लेकिन में इस पोस्ट में सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर्स के बारे में बात करुगा।

पढ़ते रहिए, SEO kya hai में आपको संपूर्ण जानकरी मिलने वाली हैं।

SEMrush Content Wrting for SEO kya hai

Let's know 7 factors that important for Google ranking

1. Crawlability

इससे पहले कि Google आपके कॉन्टेंट को Indexed करने पर विचार कर सके, उन्हें पहले यह जानना होगा कि यह वेबसाइट exist करती हैं या नही।

Google वेब पर नया कॉन्टेंट खोजने के लिए कई तरीकों का उपयोग करता है, लेकिन प्राथमिक मेथड Crawling है।

Crawling करने के लिए, वे Spider नामक एक कंप्यूटर प्रोग्राम का उपयोग करते हैं।

मान लीजिए कि आपके होमपेज में एक वेबसाइट से एक बैकलिंक है जो पहले से ही Google के Indexed में है।

अगली बार जब वे उस साइट को Crawl करते हैं, तो वे आपकी वेबसाइट के Homepage को खोजने के लिए उस लिंक को  फॉलो करेंगे और संभवत: वे इसे अपने indexed में जोड़ देंगे।

निम्नलिखित चीजें Google के Crawler को रोक सकती हैं:

  1. Poor Internal Linking
  2. Nofollowed internal links
  3. No-indexed Pages
  4. Blocks in robots.txt

पढ़ते रहिए, SEO kya hai में आपको संपूर्ण जानकरी मिलने वाली हैं।

2. Mobile-Friendliness

आपको पता होना चाहिए कि 63% Google searches मोबाइल उपकरणों से आते है, और यह संख्या हर साल बढ़ रही है।

इस आंकड़े को देखते हुए, यह शायद कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि 2020 में, Google अपने मोबाइल सर्च रिजल्ट्स में mobile-friendly वेबसाइटों के लिए रैंकिंग बढ़ाने की घोषणा करेगा।

2018 में Google मोबाइल-फर्स्ट indexing में भी स्थानांतरित हो गया, जिसका अर्थ है कि अब वे Indexing और Ranking के लिए आपके Web Page के मोबाइल संस्करण का उपयोग करते हैं।

लगभग 10 में से 8 यूजर ऐसे कॉन्टेंट से जुड़ना बंद कर देंगे जो उनके मोबाइल डिवाइस पर अच्छे तरह से प्रदर्शित नहीं होते है।

दूसरे शब्दों में, जब मोबाइल पर किसी साइट का डेस्कटॉप version लोड होता है, तो ज्यादातर लोग Bcak बटन दबा देते हैं।

मुझे बताए, अगर आपका ब्लॉग मोबाइल के लिए optimized नही हैं और आपके ब्लॉग के Pages मोबाइल पर अच्छी तरह show नही हो रहे हैं, तो आपका ब्लॉग लोग मोबाइल पर क्यों पढना चाहेगे?  

आप टेस्ट कर सकते हैं कि आपकी वेबसाइट Google के मोबाइल-फ्रेंडली टेस्टिंग टूल में मोबाइल-फ्रेंडली है या नहीं।

पढ़ते रहिए, SEO kya hai में आपको संपूर्ण जानकरी मिलने वाली हैं।

seo kya hai

यदि आपकी वेबसाइट मोबाइल-फ्रेंडली नहीं हैं, तो वेबसाइट को मोबाइल-फ्रेंडली करने के लिए एक डेवलपर को Hire करें।

3. PageSpeed

PageSpeed आपके Page को कितनी तेजी से लोड करता है यही हैं। अगर आपके ब्लॉग के पेज की लोडिंग स्पीड तेज हैं, तो आपको डेस्कटॉप और मोबाइल पर ब्लॉग rank कराने में आसानी हो जाएगी।

Google चाहता है कि आपकी वेबसाइट की लोडिंग स्पीड तेज़ हो, यही कारण है कि यह एक बड़ा रैंकिंग फैक्टर है।

अपने Web Pages की लोडिंग स्पीड की जांच करने के लिए, Google के PageSpeed Insights टूल का उपयोग करें।

PageSpeed SEO Kya Hai

4. Search Intent

जिस ब्लॉग को आप गूगल पर Rank करना चाहते हैं, उसके लिए कीवर्ड सर्च करना आसान है।

जब आप ब्लॉग के लिए keywords रिसर्च करते हैं, तब आपको लोगों का Search Intent समजना चाहिए। 

आपको पता होना चाहिए की लोग Google पर क्या सर्च कर रहे हैं, तब ही जाकर आप गूगल से अच्छा खासा और High-Intent वाला ट्रैफिक पा सकते हैं।

अगर आपके ब्लॉग पर High-Intent ट्रैफिक या रीडर्स आता हैं, तो आप ज्यादा पैसा कमा सकते हो। 

गूगल Search Engine Results Page पर वही रिजल्ट्स दिखाता हैं, जो यूजर देखना चाहते हैं।

अब सवाल यह है कि आप अपने ब्लॉग को Search Intent के लिए कैसे Optimized करते हैं? क्या आप जानते हैं, Search Intent के 4 प्रकार हैं?

पढ़ते रहिए, SEO kya hai में आपको संपूर्ण जानकरी मिलने वाली हैं।

यहां Search Intent के चार प्राइमरी 'प्रकार' हैं:

  1. Informational Search Intent
  2. Transactional Search Intent
  3. Navigational Search Intent
  4. Commercial Search Intent

Google का उद्देश्य यूजर्स को उनकी क्वेरी के लिए सबसे अधिक प्रासंगिक रिजल्ट्स प्रदान करना है। इसलिए सर्च इंजन मायने रखता है।

यदि आप 2020 में Google में Rank करना चाहते हैं, तो आपको क्वेरी के लिए सबसे अधिक प्रासंगिक रिजल्ट्स होना चाहिए।और सबसे पहले, इसका मतलब है कि आपको ऐसा कॉन्टेंट बनाना पड़ेगा जो search Intent से जुड़ा हो।

पढ़ते रहिए, SEO kya hai में आपको संपूर्ण जानकरी मिलने वाली हैं।

1. Informational Search Intent

Searcher जानकारी की तलाश कर रहा है।

यह "USA के राष्ट्रपति कौन है?" जैसे सरल प्रश्न का उत्तर हो सकता है या कुछ ऐसा जिसमें लंबे और अधिक उत्तर की आवश्यकता होती है जैसे "ब्लॉकचेन कैसे काम करता है?" हालांकि, सभी Informational searches को प्रश्नों के रूप में तैयार नहीं किया गया है।

नीचे Informational Searches के उदाहरण दिए गए हैं:

  1. "विराट कोहली कौन है?"
  2. "डोनाल्ड ट्रम्प"
  3. "फुटबॉल स्कोर"
  4. "HTML 5 क्या है"
  5. "मुंबई कहा हैं"

2. Transactional Search Intent

यदि कोई Searcher खरीदारी या Purchase की तलाश में है, तो उसे Transactional Search Intent कहा जाता है।

वे Buying Mode में रहते हैं। सबसे अधिक संभावना है की, वे पहले से ही जानते हैं कि वे क्या खरीदना चाहते हैं।

वे इसे खरीदने के लिए एक जगह की तलाश कर रहे होते हैं।

नीचे Transactional Searches के उदाहरण दिए गए हैं:

  1. "Buy Macbook Pro"
  2. "Best Hosting Service"
  3. "Apple iPhone 12X Price"
  4. "Deals on Asus Laptop"
  5. "Best Mobile In 20 Thousand" 

3. Navigational Search Intent

Searcher एक विशिष्ट वेबसाइट की तलाश में रहता हैं, तब उसे Navigational Search Intent कहा जाता हैं।

उस वक्त वे पहले से ही जानते हैं कि वे कहाँ और किस वेबसाइट पर जाना चाहते हैं।

यह संभवतः Google के लिए त्वरित और आसान है कि वह पूरे URL को एड्रेस बार में टाइप कर सके।

नीचे Navigational Searches के उदाहरण दिए गए हैं:

  1. "Facebook Login"
  2. "SEMrush Keywords Tool"
  3. "Twitter Login"
  4. "SEMrush Guide To SEO"
  5. "Thrive Themes login"

पढ़ते रहिए, SEO kya hai में आपको संपूर्ण जानकरी मिलने वाली हैं।

4. Commercial Search Intent

जब Searcher एक विशिष्ट उत्पाद या सर्विस के लिए बाजार में है, लेकिन अभी तक अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है कि कौन सा समाधान उनके लिए सही है।

उस समय वे Product Review या Comparisons of Products जैसा कॉन्टेंट देखना ज्यादा पसंद करता हैं। उस समय वे अपने उत्पादों के लिए विकल्प तलाश रहे होते हैं, इसे Commercial Search Intent कहते हैं। 

नीचे Commercial Searches के उदाहरण दिए गए हैं:

  1. "Best protein powder"
  2. "Mailchimp vs convertKit"
  3. "Ahrefs review"
  4. "SEMrush review"
  5. “top restaurant in Nagpur”

पढ़ते रहिए, SEO kya hai में आपको संपूर्ण जानकरी मिलने वाली हैं।


5. Backlinks

Google में Rank करने के लिए Backlinks सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर हैं।

सरल शब्दों में, Google वोट के रूप में बैकलिंक्स की व्याख्या करता है। सामान्यता, ज्यादा Backlinks वाले ब्लॉग Top में Rank करते हैं।

यदि आप किसी भी योग्य Keywords के लिए Rank करना चाहते हैं तो Backlinks मायने रखती है।

समस्या यह है कि लिंक बिल्डिंग दिन-ब-दिन चुनौतीपूर्ण होती जा रही है।

यहा लिंक बिल्डिंग की बहुत स्ट्रेटेजी हैं, लेकिन यदि आप गेम या ब्लॉगिंग में नए हैं, तो Informational Content के लिए Comment Backlinks बनाने का लक्ष्य रखें।

पढ़ते रहिए, SEO kya hai में आपको संपूर्ण जानकरी मिलने वाली हैं।

SEMrush Bcaklink Suite SEO kya hai

यदि आप backlinks बनाना चाहते हैं तो आपको SEMrush SEO टूल की आवश्यकता है, बिना SEO टूल के आप backlinks नहीं बना सकते हैं।

यदि आप अपने प्रतियोगी के Backlinks को जानना चाहते हैं तो आपको SEMrush Backlinks Checker का उपयोग करने की आवश्यकता है।

6. Authority

सामान्यता, high-authority वेबसाइट के बैकलिंक low-authority वेबसाइट से ज्यादा अच्छे और मजबूत होते हैं। दुर्भाग्य से, Google ने 2016 में सार्वजनिक PageRank स्कोर को बंद कर दिया।

Authority बनाने में एक से दो साल का समय लगता है।

यदि आप अपनी वेबसाइट के Domain Authority को बढ़ाना चाहते हैं तो आपको High-Quality वाले Backlinks की आवश्यकता है।

बेशक, ब्लॉग के "authority" को बढ़ावा देने के लिए बैकलिंक्स एकमात्र तरीका नहीं है।

DA internal लिंक को भी ध्यान में रखता है, जिसका अर्थ है कि आपकी blog के अन्य Web Pages के लिंक Blog के Authority में योगदान करते हैं।

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7. Content Quality

Google हमेशा सबसे विश्वसनीय और उपयोगी रिजल्ट्स Rank करना चाहता है। ऐसा करने के लिए, वे कॉन्टेंट से संबंधित संकेतों जैसे विशेषज्ञता, Authority, और भरोसेमंदता को देखते हैं।

आपके कॉन्टेंट की क्वालिटी बढ़ाने के लिए आप निचे दिए हुए चीजें कर सकते हैं:

  1. Use short sentences and paragraphs
  2. Link to useful resources where appropriate
  3. Avoid big walls of text
  4. Use images and/or videoes in content
  5. Try to use power words for better conversion. 

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि Technology तेजी से आगे बढ़ती है। कोई भी यह जानना नहीं चाहता है कि 2016 में बेस्ट राउटर क्या थे। यह उपयोगी नहीं होगा।

इसीलिए आपको Fresh और Updated कॉन्टेंट लिखने का प्रयास करना हैं, साथ ही कॉन्टेंट में keywords stuffing नही होनी चाहिए।

अगर आपके Content में Quality नही है, तो visitors फिरसे आपका Content पढ़ने नही आएंगे।

अगर आप affiliate marketing करना चाहते हो, तो उसके लिए भी आपको Quality Content लिखना पड़ेगा।

यदि आप चाहते हैं कि affiliate कॉन्टेंट से आपको sales आए तो आपको High-converting Content लिखना पड़ेगा।

आम तौर पर, महत्वपूर्ण बातें समय के अनुरूप होती हैं।

Backlinks, "Authoity," और Matching Search Intent जैसे Factor कई वर्षों से महत्वपूर्ण Factors रहे हैं - और किसी भी समय जल्द ही इसे बदलने का कोई संकेत नहीं दिख रहा है।

पढ़ते रहिए, SEO kya hai में आपको संपूर्ण जानकरी मिलने वाली हैं।


Types Of SEO in Hindi (SEO kya hai और SEO कितने प्रकार के होते हैं )

There are three types of SEO-

  1. On-Page SEO
  2.  Off-Page SEO
  3.  Technical SEO

1. On-Page SEO

अभी सवाल हैं की On-Page SEO kya hai?

On-page SEO Web Pages या ब्लॉग पोस्ट को High Rank करने और Google Search Engine में ज्यादा ट्रैफ़िक प्राप्त करने के लिए optimized करने का अभ्यास है। 

जब आप ब्लॉग पोस्ट लिखते हैं, तब आप उस ब्लॉग पोस्ट के लिए कोंनसे Keywords टारगेट करते हैं और आप किस तरह उस आर्टिकल को लिखते हैं। इन्ही कुछ बातों को on-page seo कहा जाता हैं। 

अपनी वेबसाइट को ऑप्टिमाइज़ करने को On-Page SEO कहा जाता है और इसमें site structure, content और speed optimization जैसी चीजें शामिल होती हैं।

चलिए जानते हैं,  On-page SEO kya hai और कैसे करे-

जब आप Google Search Engine के गाइडलाइन्स के अनुसार हर ब्लॉग पोस्ट को ऑप्टिमाइज़ करते हैं, तो उसी प्रोसेस को ऑन-पेज एसईओ कहा जाता है।

कुल मिलाकर, ऑन-पेज एसईओ में, आप अपने ब्लॉग के डिजाइन और कॉन्टेंट को इस तरह से ऑप्टिमाइज़ करते हैं कि आपके ब्लॉग पोस्ट या आर्टिकल को Google Search Engine में Top 10 रिजल्ट्स में Rank मिल सके।

On-page SEO में दो चीजे शामिल हैं, जैसे की Content और  आपके वेबसाइट का Backend Structure।

ऑन-पेज एसईओ का टारगेट आपकी वेबसाइट पर योग्य oraganic और targeted traffic लाने के लिए Search Engine रिजल्ट्स में High Rank प्राप्त करने के लिए इंडिविजुअल Web Pages को बेहतर बनाना है।

और इसके बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि यह आपकी वेबसाइट पर प्रभावी ट्रैफ़िक Generate करता है।

ऑन-पेज एसईओ आपको उन फैक्टर्स का नियंत्रण देता है जो रैंकिंग को प्रभावित करते हैं।

पढ़ते रहिए, SEO kya hai में आपको संपूर्ण जानकरी मिलने वाली हैं।

नीचे सबसे जरूरी ऑन-पेज एसईओ फैक्टर्स की एक सूची दी गई है:

1. Title tags

Title Tags विजिटर और Search Engine को बताते हैं कि दिया गया Web Page किसी टॉपिक के बारे में जानकारी दे रहा है और  टाइटल टैग Relevancy स्थापित करता है।

टाइटल टैग SERPs पर आपकी रैंकिंग में बहुत योगदान करते हैं। एक शीर्षक टैग एक HTML एलिमेंट है जो आपकी वेबसाइट के टाइटल को Specifies करता है। 

Title Tag SEO के लिए सबसे महत्वपूर्ण ऑन-पेज फैक्टर्स में से एक हैं।

1. प्रति पेज केवल एक Title Tag का उपयोग करें, टाइटल टैग को <head> टैग के भीतर रखें

2. Top-performing कीवर्ड को descending order में रखें

4. टाइटल 70 शब्दों से अधिक नही होना चाहिए (Including spaces)।

Title Tags आपके आर्गेनाइजेशन या आर्टिकल की पहली छाप है।

यह वैसा ही है जैसा कोई दर्शक आपकी वेबसाइट पर देखता है। Title की शुरुआत में महत्वपूर्ण कीवर्ड add करे और यूनिक टाइटल लिखने का प्रयास करें।

SEO Kya Hai Title tag

निम्नलिखित चीजों में प्रमुख रूप से Title Tag का उपयोग किया जाता है:

  1. SERP: Audience आपके कॉन्टेंट को सर्च इंजन पर देख सकते हैं
  2. वेब ब्राउजर: आपके कॉन्टेंट को कीवर्ड से रिलेटेड ज्यादा रिजल्ट्स प्राप्त करने से बचाता है
  3. सोशल मीडिया नेटवर्क: सोशल नेटवर्क में मान्यता

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2. Heading / Header

हेडर्स (Heading) का उपयोग उस टॉपिक पर अधिक ध्यान देने के लिए किया जाता है जिस पर आप चर्चा करेंगे। ये मूल रूप से किसी विशेष टॉपिक को उजागर करने के लिए उपयोग किए जाते हैं।

Header 2 SEO kya hai

आपके पोस्ट का H2 टाइटल जो भी होगा, उसमें अपने Keywords का उपयोग करें, और इसके अलावा आपको कीवर्ड को पोस्ट के पहले पैराग्राफ में और अंतिम पैराग्राफ में भी डालना होगा।

जबरदस्ती से कीवर्ड का उपयोग करने का प्रयास न करें, आपको Keywords को natural तरीके से use करने हैं।

3. Page Content

एक बहुत प्रभावशाली कॉन्टेंट बनाना और अपने वेबपेज को सुधारने के लिए 'आउट ऑफ द बॉक्स आइडियाज' जोड़ना निश्चित रूप से audience को आपके व्यवसाय और आपके द्वारा बनाया गया कॉन्टेंट की Quality के बारे में जानने में मदद करने वाला है।

अगर आप Quality कॉन्टेंट लिखते हैं, आपको Google में अच्छी रैंकिंग मिल सकती हैं। एक आर्टिकल को लिंक करने से आपको external post के साथ-साथ लाभ होगा।

आप को पता होना चाहिए, ऑनलाइन बिज़नेस में वही सफल होता हैं जिसके कॉन्टेंट में पॉवर या दम होता हैं।

आर्टिकल पोस्ट लिखने से पहले रिसर्च करे, ध्यान रखे आपको रिसर्च करने के बाद ही ब्लॉग पोस्ट लिखनी हैं ताकि विजिटर को एक ही आर्टिकल में संपूर्ण जानकारी मिल जाए।

किसी भी पोस्ट को कॉपी करने से पहले Google के गाइडलाइन्स जरुर पढ़े, डुप्लिकेट content लिखने से बचें।

यहां तक कि Backlinks आपकी वेबसाइट पर बहुत अधिक ट्रैफ़िक ला सकता है।

इसलिए, ऐसा कॉन्टेंट बनाना आवश्यक है जिसमें आपका keywords शामिल हो, लेकिन, keywords ज़्यादा use मत करो।

पढ़ते रहिए, SEO kya hai में आपको संपूर्ण जानकरी मिलने वाली हैं।

SEO kya hai images

ध्यान रखे, आपको आर्टिकल में Images भी use करनी हैं, और images में Alt Text add करे। आर्टिकल में ज्यादा images का उपयोग करने का प्रयास करें। लिंकिंग एक जरूरी है, कम से कम 3-10 images जोड़े जा सकते हैं।

साथ ही Image के साइज को compress कर के use करे और Image को rename करके वहां भी main keyword को डालें और पोस्ट में अपलोड करते समय भी Alt Text में कीवर्ड का उपयोग करें | jpg फॉरमेट में इमेज use करे।

4. Research

अपना कॉन्टेंट का क्रिएट करने से पहले, जो आप व्यक्त करना चाहते हैं उसकी एक कहानी का विश्लेषण की आउटलाइन जरुर लिखने का प्रयास करे।

फिर उन्हें वास्तविक तरीके से वर्गीकृत करें और उन्हें elaborate करें।

यह देखें कि SERP पर रैंकिंग करने वाली अन्य वेबसाइटों ने अपने कॉन्टेंट में कैसे पिच किया और आर्टिकल को बेहतर तरीके से कैसे लिखा।

  1. Right usage of keywords is also important. Don’t try to stuff more keywords until you want to use shortcuts like Black Hat SEO for making your webpage rank.
  2. Research a lot about stats that justify whatever you are working on.

5. Meta Description

Meta Description एक HTML Tag हैं।

यही वह जगह जहा Google के Crawler की नजर पड़ती है और वे जानने की कोशिश करते है की आर्टिकल किस टॉपिक के बारे में लिखा गया है और आपको रैंकिंग में काफी हेल्प हो जाती है क्योंकि Google के Result page पर यही तीन चीज़ें show होती हैं।

अभी तीन चीजे कोनसी? में बताता हु-

  1. ब्लॉग पोस्ट का टाइटल
  2. ब्लॉग पोस्ट का URL
  3. ब्लॉग पोस्ट का Meta Description

आपके द्वारा लिखे गए किसी भी ब्लॉग पोस्ट का Meta Description इस तरह दिखता है।

इसे Target Keywords के साथ  optimized किया जाता हैं और Meta Description कम से कम 155 शब्दों तक होना चाहिए।

SEO kya hai

Meta Description Example

6. Try to Use LSI Keywords

LSI (Latent Semantic Indexing) keywords वैसे रिलेटेड टर्म्स होती हैं जो Google search engine को वेबसाइट पर कॉन्टेंट क्या इसे समझने में मदत करता हैं।

LSI Keywords आपके मुख्य Keyword से रिलेटेड words और phrases हैं।

वे आपके कॉन्टेंट के लिए अतिरिक्त कॉन्टेक्स्ट देते हैं और वे google search engine को यह समझने में मदद करते हैं कि आपका ब्लॉग पोस्ट या web Page किस टॉपिक के बारे में हैं।

दूसरे शब्दों में, LSI Keywords सर्च एल्गोरिदम को क्वेरी या लोगों के सवाल से कॉन्टेंट match करने में मदत करता हैं। 

इन Keywords का उपयोग SEO Traffic को बेहतर बनाने लिए किया जाता हैं और साथ ही ज्यादा विसिबिलिटी और Google रिजल्ट page पर high-rank प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है।

अपने Meta Description में LSI Keywords का उपयोग करने का प्रयास करें।

Keywords Density को ध्यान में रखकर ब्लॉग पोस्ट लिखे, Keywords Density कम से कम 3% होनी चाहिये।


2. Off-Page SEO 

क्या आप जानते हैं कि Off-Page SEO Kya Hai?

तो ध्यान से पढ़िए,

Off-Page SEO में लिंक बिल्डिंग, सोशल मीडिया और लोकल SEO यह सारी बाते होती हैं।

दूसरे शब्दों में, आपकी साइट पर ट्रैफ़िक Generate करना और आपके बिज़नेस को रियल डील की तरह दिखाना यही Off-Page SEO हैं।

Off-Page SEO में आप वह सभी कार्य करते हैं जो आप अपनी Reach के Optimization के लिए अपनी वेबसाइट के बाहर करते हैं।

ऑफ-पेज एसईओ आपकी वेबसाइट के बाहर की गई सभी चीजों के लिए एक umbrella टर्म  है। इसमें बैकलिंक्स से लेकर सोशल मीडिया मार्केटिंग तक शामिल है।

Off-page में आप ब्लॉग के लिंक को other वेबसाइट पर add करने के साथ -साथ सोशल मीडिया में भी शेयर करते हैं।

ऑफ-पेज एसईओ आपकी SEO Strategy का एक अभिन्न हिस्सा है, इसमें आपको अपने ब्लॉग को Google में Authority या strong बनाना होता है और ये इस बात पर Depend करता है की आपके पास High Quality Backlinks हैं या नही। 

Off-Page SEO में Backlinks बेहद जरूरी है

Off-Page SEO contains 6 factors-

  1. Backlinks
  2. Guest Blogging
  3. Brand Mentions
  4. Press Releases
  5. Forum Posting
  6. Social Media Marketing
  7. Local SEO (GMB, Citations, Reviews)

Advantages of Off-Page SEO

  • Higher search rankings
  • Increased webpage traffic
  • More brand exposure

Disadvantages of Off-Page SEO

  • Takes time to build proper relationships
  • Less control over these optimization tactics

2. Technical SEO 

मुझे लगता है कि अब आप समझ गए हैं कि On-Page SEO और Off-Page SEO Kya Hai,

अब Technical SEO kya hai, यह बात जानते हैं। 

Technical SEO का मतलब नाम से ही clear हो रहा है की इसमें आप ब्लॉग के Technical Aspects को ध्यान में रखते हैं और उन्हें Optimized करते हैं। Technical SEO में आपको वेबसाइट के कुछ Technical चीजों पर काम करना होता हैं। 

Technical SEO वेबसाइट और Server Optimization को संदर्भित करता है जो Google search engine Spiders (google's Crawler) आपकी साइट को ज्यादा प्रभावी ढंग से Crawl और Indexed करने में मदद करता है (To Improve Organic Ranking)।

Technical SEO यह सुनिश्चित करने की प्रोसेस है कि एक वेबसाइट आधुनिक Search Engine की Technical आवश्यकताओं को बेहतर Organic Ranking के कुछ Target को पूरा करती है।

Technical SEO के महत्वपूर्ण फैक्टर्स में crawling, indexing, rendering और website architecture शामिल हैं।

निम्नलिखित चीजें हैं जो आप Technical SEO को बेहतर बनाने के लिए कर सकते हैं-

1. Use SSL Certificate

सिक्योर सॉकेट्स लेयर - एसएसएल - एक सुरक्षा तकनीक है जो वेब सर्वर और ब्राउज़र के बीच एक encrypted लिंक बनाता है।

आप SSL का उपयोग करके साइट को आसानी से देख सकते हैं: वेबसाइट URL ‘http: // 'के बजाय‘ https: //' से शुरू होता है।

2014 में Google ने घोषणा की कि वे हर जगह Google HTTPS देखना चाहते हैं।

SSL प्रमाणपत्र 'http' version को 'https' सुरक्षित Version में convert करता है।

एसएसएल अब किसी भी वेबसाइट के लिए आवश्यक है, एसएसएल प्रमाणपत्र Google रैंकिंग में मदद करता है, यही कारण है कि हर वेबसाइट के लिए एसएसएल आवश्यक है।

2. Make sure your site is mobile-friendly

एक 'responsive' वेबसाइट डिज़ाइन अपने आप ही Adjust हो जाती है ताकि इसे किसी भी डिवाइस पर नेविगेट और आसानी से पढ़ा जा सके।

Google इस fact के बारे में स्पष्ट है कि Responsive Website को उसके एल्गोरिदम द्वारा बहुत महत्वपूर्ण Ranking factor माना जाता है। 

और, कॉन्टेंट को index करने के लिए Google ने 'Mobile First' दृष्टिकोण के साथ जाने की घोषणा की हैं, इसलिए मोबाइल-फ्रेंडली वेबसाइट अब पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण बन गई है।

सुनिश्चित करें कि आपकी वेबसाइट सभी Devices के लिए पूरी तरह responsive हो

3. Speed your site up

Google Search Engine उन वेबसाइटों को पसंद करते हैं जो जल्दी से लोड होते हैं, आपके ब्लॉग के लोड होने की स्पीड को एक महत्वपूर्ण रैंकिंग फैक्टर माना जाता है।

अगर कोई यूजर आपके ब्लॉग पोस्ट के यूआरएल को गूगल पर क्लिक करता है तो कितनी देर में आपकी वेबसाइट ओपन हो जाता है,

इस बात को Google आजकल ध्यान में रखता है और यह उन सभी बड़े फैक्टर में से एक है जिससे आपका ब्लॉग Google Search Engine Result Page में Rank हो सकता है।

इसलिए आपको हमेशा अपने ब्लॉग के लोडिंग टाइम को फ़ास्ट या तेज रखना है, मतलब की आपकी वेबसाइट 3 से 4 सेकंड के अंदर ही ओपन हो जाए।

इसलिए मैं आपकी वेबसाइट के लोडिंग टाइम को तेज करने के लिए GreenGeeks होस्टिंग की सलाह देता हूं।

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आपकी साइट को तेज करने के कई तरीके हैं:

  1. फास्ट होस्टिंग का उपयोग करें
  2. एक तेज़ DNS का उपयोग करें
  3. Minimise ‘HTTP requests'
  4. Use one CSS stylesheet
  5. Use Compress Images in JPG format
  6. Compress your webpage
  7. Minify your site’s code

4. Fix duplicate content 

किसी भी पोस्ट को कॉपी करने से पहले Google के गाइडलाइन्स जरुर पढ़े, डुप्लिकेट content लिखने से बचें।

यहां तक कि Backlinks आपकी वेबसाइट पर बहुत अधिक ट्रैफ़िक ला सकता है। इसलिए, ऐसा कॉन्टेंट बनाना आवश्यक है जिसमें आपका keywords शामिल हो, लेकिन, keywords ज़्यादा use मत करो।

आप इसके द्वारा Duplicate Content को ठीक कर सकते हैं:

  1. Try to use the canonical link element to let search engines know where the ‘main’ version of your content within your blog.

5. Create an XML sitemap

XML Sitemap एक ऐसी फाइल है जो Search Engine को आपकी वेबसाइट को समझने में मदद करती है जबकि इसे Crawl किया जा सकता है - आप इसे ‘Search Roadmap’ की तरह समझ सकते हैं, यह फाइल Google Search Engine को यह बता सकते हैं कि आपके ब्लॉग का प्रत्येक वेब Page कहां है।

इसमें आपकी वेबसाइट के प्रत्येक Page के बारे में उपयोगी जानकारी शामिल है, जैसे की-

  • When a page was last modified
  • What priority it has on your site
  • How often it has been updated.

6. Enable AMP (Accelerated Mobile Pages)

आपके Web Pages के AMP version मोबाइल डिवाइसेस पर बहुत जल्दी लोड होते हैं।

क्योंकि वे इतनी तेज़ी से लोड होते हैं, तो Web Pages के AMP version आपके विजिटर द्वारा पढ़े जाने और शेयर किए जाने की अधिक संभावना होती है।

7. Add structured data markup to your website

Structured data markup कोड है, जो आप अपनी वेबसाइट पर add करते हैं ताकि Google Search Engine को वेबसाइट का कॉन्टेंट बेहतर ढंग से समझने में मदद मिल सके।

यह डेटा Search Engine से आपकी साइट को अधिक प्रभावी ढंग से indexed करने और अधिक Relevant रिजल्ट्स प्रदान करने में मदद कर सकता है।

Additionally, structured data enhances search results through the addition of ‘rich snippets’.

8. Register your site with Google Search Console and Bing Webmaster Tools.

ब्लॉग शुरू करने के बाद यह सबसे महत्वपूर्ण काम है।

Google Search Console और Bing Webmaster Tool, Google और Microsoft के फ्री टूल्स हैं जो आपको अपनी वेबसाइट को Indexing के लिए Search Engine में प्रेजेंट करने की अनुमति देते हैं।

यह काम किए बिना, आप वेबसाइट को रैंक नहीं कर सकते यहां तक कि आप पैसे भी नहीं कमा सकते।

जब आप अपनी वेबसाइट लॉन्च करने के लिए तैयार हों जाए, तो आपको Google Search Console और वेबमास्टर टूल दोनों को अपना XML Sitemap सबमिट करना चाहिए,

ताकि वे आपकी नई वेबसाइट को Crawl कर सकें और Search Engine Results Page पर आपकी वेबसाइट को Rank देना शुरू कर सकें।


There are two techniques types of SEO

  1. White-Hat SEO
  2. Black-Hat SEO

1. White-Hat SEO

White-hat SEO में आपको गूगल के गाइडलाइन्स का पालन करके SEO करना होता हैं, इस तकनीक में सभी SEO से रिलेटेड काम लीगल होते हैं।

मुझे पता हैं, आपको White-Hat SEO kya hai जानना हैं लेकिन इसके बारे में आपको अगली ब्लॉग पोस्ट में पता चलेगा।

Click Here To Read Google Search Engine Guidelines. 

White-Hat SEO एक लॉन्ग-टर्म approach लेता है।

1. Black-Hat SEO

जब आप Google की Guidelines को चकमा देकर Ranking हासिल करने का तरीका अपनाते हो तो उसे Black Hat SEO कहते हैं। अगर आप Black Hat SEO करते हुए पकड़े जाते हैं तो, गूगल आपके वेबसाइट को Panelize कर देता हैं।

इससे आपकी वेबसाइट पूरी तरह बर्बाद हो सकती हैं, साथ ही इसमें रिस्क भी होती हैं।

अगर आपको Black Hat SEO kya hai, यह अच्छी तरीके से पता हैं तो ही Black-Hat SEO करे।  

  1. यह "त्वरित जीत" पर केंद्रित होता है 
  2. यह जोड़ तोड़ रणनीति पर निर्भर करता है
  3. यह Search Engine Guidelines का उल्लंघन करता है
  4. ब्लैक-हैट SEO आज़माने से बचे। 

Conclusion

बधाई हो! अभी आप SEO kya hai के बेसिक बाते सिख गए हैं।  

मुझे उम्मीद है कि आपको "SEO Kya Hai in Hindi" ब्लॉग पोस्ट पसंद आयी होंगी।

अगर आपका कोई भी सुझाव या सवाल मेरे इस आर्टिकल के बारे में है, तो आप मुझे कमेंट करके जरूर बताएं।

मैं आपको अपने ब्लॉगिंग यात्रा के लिए SiteGround Hosting खरीदने की सलाह देता हूं।

अब आप BloggingPlayer बनने के लिए तैयार हैं।

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हम एक ब्लॉग के रूप में प्रगति करते रहेंगे, Meanwhile Sharing Is Caring!

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1 thought on “Do You Want To Learn SEO in Hindi?- Then Read SEO Kya Hai In 2020”

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